गाज़ियाबाद, जनवरी 11 -- राष्ट्रीय फार्मासिस्ट दिवस (12 दिसंबर) - फार्मासिस्ट की आपसी लड़ाई संवर्ग को पहुंच रही नुकसान - अलग-अलग संगठनों की वजह से रिटायर होने वाले संवर्ग के लोगों को भी नहीं मिल रहा सम्मान गाजियाबाद, संवाददाता। पिछले 24 साल से फार्मासिस्टों की भर्ती नहीं होने और लगातार सेवानिवृत्ति से जिले में फार्मासिस्टों को संख्या 85 फीसदी ही रह गई है। सरकार की ओर से फार्मासिस्टों के पदों को भरने के लिए भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाने से संवर्ग को नाराजगी है। स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्टों का अहम योगदान हैं। डिस्पेंसरी में दवा वितरण से लेकर इमरजेंसी की अधिकतर जिम्मेदारी फार्मासिस्टों पर रहती है। फिलहाल जिले में 85 से ज्यादा पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष केवल 73 पदों पर ही फार्मासिस्ट काम कर रहे हैं। हर साल एक सो दो लोग रिटायर हो रहे ह...