गंगापार, फरवरी 28 -- प्रायः विवादों के निस्तारण हेतु ग्रामीण वादी, प्रतिवादी तहसील, जिला एवं उच्च न्यायालय की शरण लेते हैं। ऐसे में विवाद रहित लोगों का साबका इन सभी से नहीं पड़ता जिससे वे न्यायालयीय कार्यवाई को देख नहीं पाते। अब न्यायालय स्वयं चलकर गांवों तक आ गई तो जिज्ञासा वश देखने वालों की भीड़ लग गई। कुछ यही मंजर शनिवार को फूलपुर विकासखंड के सराय अब्दुल मलिक गांव के पंचायत भवन में देखने को मिला। जब ग्राम न्यायालय का यहां आयोजन हुआ। न्यायाधिकारी कामेन्द्र नाथ चौधरी जब अपने पूरे लाव लश्कर के साथ यहां पहुंचे तो ग्रामीणों का मजमा लग गया। उन्होंने 37 वादों पर सुनवाई करते हुए निस्तारण किया। इसी के साथ अन्य को विधिक सलाह भी दी गई। न्यायाधिकारी ने कहा कि ग्रामीणों को न्याय हेतु दर दर न भटकना पड़े इस हेतु ऐसे आयोजन आयोजित हो रहें हैं। मौके पर ग्र...