बस्ती, अप्रैल 24 -- बस्ती। कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया में किसानों के बीच उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान के तहत चितरगढ़िया में आयोजित किया गया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एसके तोमर ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित एवं अंधाधुंध प्रयोग मृदा स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। जिससे न केवल फसल उत्पादन में कमी आती है, बल्कि गुणवत्ता भी घटती है। इसलिए मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन अपनाना अत्यंत आवश्यक है। वैज्ञानिकों ने गोबर की सड़ी हुई खाद व कम्पोस्ट का पांच से 10 टन प्रति हेक्टेयर हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। इस अवसर पर डॉ. वीबी सिंह, आरवी सिंह, हरिओम मिश्रा व रविशंकर पांडेय ने भी किसानों को समेकित पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी। यह भी पढ़ें- उन्नत कृषि तकनीक विषयक जागरूकता...