बागपत, फरवरी 25 -- ऊर्जा निगम के भी अजीब कारनामे है। जो व्यक्ति गांव में नहीं रहता है उसके नाम बिजली का बिल जारी कर दिया और बाद में आरसी काट दी। वाद की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ऊर्जा निगम के बिल को निरस्त कर दिया। बागपत शुगर मिल में टरबाईन एटेंडेंट के पद पर कर्मचारी विनोद कुमार वर्ष 2011 से कार्यरत है और मिल के क्वाटर में रहते है। मूल रूप से वह गाधी गांव के रहने वाले है, लेकिन वहां पर उनका न कोई मकान है और न ही बिजली का कनेक्शन लिया है। ऊर्जा निगम ने कर्मचारी के नाम से 1,08052 लाख रुपये का बिजली का बिल जारी कर दिया और बाद में आरसी काट दी। अमीन द्वारा बिल वसूलने के लिए दबान बनाया गया तो उन्होंने वकील के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। अधिवक्ता ने बताया कि ऊर्जा निगम बिजली कनेक्शन ज...
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