आगरा, फरवरी 23 -- कासगंज। इसे अफरा तफरी कहें या पांच मौतों से परिवार के लोगों का हाल बेहाल होने की वजह। गांव में शवों के घर पर पहुंचने के बाद कुछ देर रखने सभी उनके उनके चेहरे अंतिम बार देखे। इसके बाद दो ट्रैक्टर ट्रॉली में रखे और सीधे खेतों पर ले गए। इस दौरान परिवार के लोग न कांठी का इंतजाम कर सके और ना ही कफन की व्यवस्था। गांव में पहुंचे सत्यवीर और उसकी पत्नी व तीन बच्चों के शवों को कासगंज से पोस्टमार्टम कराने के बाद से सीधे नगला भोजराज में पैतृक घर ले जाया गया। जहां कुछ देर के लिए शवों को उतारा गया था। शवों पर जो कपड़ा पोस्टमार्टम गृह से सील होकर गया वह थी। काली प्लास्टिक कवर से पांचों के शव सील थे। घर पर परिवार के लोगों व गांव वालों ने शवों के चेहरे के हिस्से का कपड़ा व प्लास्टिक पॉलीथिन खोली और सभी अंतिम दर्शन किये। यहां गांव के तमाम ...