भभुआ, फरवरी 28 -- नये साल का सवेरा सूर्योदय के साथ होने से पूरब दिशा में होता है होलिका दहन भगवानपुर में राजा की ओर से शुरुआत करने के बाद गांवों होलिका जलती थी (पटना का टास्क) भगवानपुर, एक संवाददाता। कैमूर में गांव की पूरब दिशा में होलिका दहन करने की परंपरा रही है। इसके पीछे के कारणों पर चर्चा करते हुए भगवानपुर के वृद्ध लाल साहब सिंह और कृपा नारायण तिवारी ने बताया कि चैत मास के प्रथम दिन से नये वर्ष की शुरुआत होती है। सूर्योदय भी पूरब दिशा से होता है। नये साल की शुरुआत सूर्योदय के साथ होती है। सूर्योदय पूरब से होता है। इसलिए पूरब दिशा में होलिका दहन किए जाने की परंपरा है। उन्होंने बताया कि भगवानपुर गांव के राजा भगवान सिंह द्वारा होलिका दहन करने के बाद जब आग की लपट दूसरे गांव के लोग देखते थे तब उनके गांव में होलिका जलती थी। आज भी गांवों मे...