उरई, मार्च 15 -- आटा, संवाददाता। कदौरा ब्लॉक के चमारी गांव का नाम बदले जाने की चर्चा को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। शनिवार को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में गांव में खुली बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर नाम परिवर्तन के विरोध में नारेबाजी की और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजने की सहमति बनाई।ग्रामीणों का कहना है कि चमारी गांव का नाम ऐतिहासिक व सामाजिक विरासत से जुड़ा हुआ है और इस नाम से गांव के लोगों की भावनाएं व पहचान लंबे समय से जुड़ी हैं। उनका कहना है कि गांव को पूर्व में अनुसूचित जाति के पूर्वजों ने बसाया था, ऐसे में यदि गांव का नाम बदला जाता है तो इससे उनकी पुरानी पहचान और ऐतिहासिक विरासत धूमिल हो जाएगी। ग्राम प्रधान बृजेश कुमार गौतम ने बैठक में ग्रामीणों की राय लेते ह...
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