पटना, मार्च 10 -- राजद सांसद संजय यादव ने कहा है कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, लेकिन आज वही आत्मा संघर्ष, उपेक्षा और ना-उम्मीदी के दर्द और बोझ तले कराह रही है। इस सरकार में गांवों, ग्रामीणों, किसानों और गरीबों को फाइलों और घोषणाओं में बंद कर दिया है? मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय पर हुए विमर्श में सांसद ने कहा कि ग्रामीण युवा रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। गांव अब उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि पलायन का केंद्र बन गए हैं। लगभग 29% आबादी प्रवासी है और उनमें से 89% ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। इस सरकार की गलत नीतियों और निर्णयों के कारण किसानों और गांवों के बेटे अब शहरों में दिहाड़ी मजदूर बन रहे हैं। 81 करोड़ भारतवासियों को सिर्फ जीवित रहने की न्यूनतम आवश्यकता पूरी करने के लिए पांच किलो अनाज दिये जा रहे हैं तो गरीबी ख...