पटना, मार्च 29 -- प्रेरणा (जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा) द्वारा शैलेन्द्र मिश्रा की नई पुस्तक 'होमो सिलिकॉना' का लोकार्पण रविवार को गांधी संग्रहालय में हुआ। मौके पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : वरदान या अभिशाप' विषय पर गंभीर सेमिनार का आयोजन किया गया। लेखक हसन इमाम ने कहा कि यह पुस्तक मानव अस्तित्व के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियों को रेखांकित करती है। लेखक डॉ. शैलेन्द्र मिश्रा ने अपने शोध को साझा करते हुए कहा कि एआई केवल एक सॉफ्टपेयर नहीं है, बल्कि यह अगला मानव है। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में एआई मानवीय श्रम की जगह ले लेगा। इससे मानव या तो बेरोजगार हो जाएंगे या तो एआई के गुलाम हो जाएंगे। सामाजिक कार्यकर्ता ई. सुनील कुमार ने एआई के जरिये गलत सुचनाओं के प्रचार-प्रसार पर चिंता जताई। उन्होंने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा...