बगहा, अप्रैल 4 -- बेतिया, कार्यालय संवाददाता। मैं भितिहरवा को जानता हूं। यहां गांधी से जुड़ी यादों को देखने आया हूं। ये उद्गार थे उपराष्ट्रति सीपी राधाकृणन के, जब वे पहली बार भितिहरवा पहुंचे। गांधी की कर्मभूमि और चंपारण सत्याग्रह जैसे आंदोलन की शुरुआत करने वाली चंपारण की धरती भितिहरवा में कदम रखते ही उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भाव विभोर हो उठे। वे शनिवार की दोपहर 3.05 बजे हेलीकॉप्टर से भितिहरवा पहुंचे। गांधी आश्रम में पहुंचने पर स्कूल के दो-दो छात्र व छात्राओं ने उन्हें फूल भेंटकर स्वागत किया। उपराष्ट्रपति ने बच्चों को दुलार किया। उन्होंने चारों बच्चों को चॉकलेट भेंट किया। उनके साथ खुद भी चॉकलेट खाये और फोटो भी खिचवाया। इस दौरान एक बच्चा उनसे थोड़ा दूर खड़ा हो गया। इसपर उपराष्ट्रपति स्वयं उसे अपने पास लाये तब जाकर फोटो खिंचवाया। इसके बा...