नई दिल्ली, फरवरी 11 -- सुप्रीम कोर्ट ने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत हिरासत में लेने के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार उनके बयानों का कुछ ज्यादा ही मतलब निकाल रही है। बुधवार को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की उनकी प्रिवेंटिव डिटेंशन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। याचिका का विरोध करते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) केएम नटराज ने कहा कि वांगचुक ने धमकी दी थी कि नेपाल जैसा हिंसक आंदोलन लद्दाख में भी हो सकता है और युवा शांतिपूर्ण तरीकों के असर पर शक जता रहे हैं लेकिन कोर्ट ने कहा कि उनके बयान का पूरा संदर्भ देखना जरूरी है, क्योंकि वह हिंसा की चेतावनी देने के बजाय चिंता जता रहे थे। बार एंड बेंच के मुताबि...