सिमडेगा, अप्रैल 1 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले के गांव और शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर में कुल 623 चपाकल और 20 जलमीनार होने के बावजूद जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दर्जनों चपाकल खराब पड़े हैं। जिससे लोगों की निर्भरता सीमित जल स्रोतों पर बढ़ गई है। वहीं शहर के मात्र लगभग 300 घरों तक ही नल से पानी की आपूर्ति हो पा रही है। जो बढ़ती आबादी के हिसाब से बेहद कम है। सुबह और शाम के समय चपाकलों पर पानी भरने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई मोहल्लों में महिलाएं और बच्चे दूर-दूर तक जाकर पानी लाने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि कुछ इलाकों में लोगों को जरूरत का पानी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। इधर नगर परिषद के जेई बिरेन्द्र हेमरोम ने बताया कि शहर में बढ़ते जल संकट को ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.