बोकारो, मई 30 -- आनंद मार्ग प्रचारक संघ ने आनंद नगर में आनंद मार्ग धर्म महा सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात संगीत, कीर्तन और सामूहिक ध्यान के साथ की।

आचार्य विकाशानंद का व्याख्यान आचार्य विकाशानंद अवधूत ने श्री आनंदमूर्ति के दिए गए योगदान पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा गहन साधना से नहीं,भाव अच्छा हो तो ईश्वर मिलते हैं। ईश्वर और मनुष्य का संबंध किसी दूरस्थ,औपचारिक या दार्शनिक अवधारणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अत्यंत निकट, आत्मीय और पारिवारिक है। जैसे एक माता-पिता अपने सभी बच्चों को समान प्रेम से देखते हैं, वैसे ही ईश्वर भी प्रत्येक जीव को समान दृष्टि से देखते हैं। ईश्वर के लिए भी सभी मनुष्य एक समान हैं। वह किसी के ज्ञान, पद या स्थिति के आधार पर भेद नहीं करते, बल्कि सबको समान रूप से आध्यात्मिक पोषण प्रदान करते हैं। म...