वाराणसी, मई 10 -- वाराणसी। मुगलों एवं अंग्रेजों ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को तहस-नहस कर दिया। उसे पुन: पटरी पर लाने के लिए ही नई शिक्षा नीति बनाई गई है। भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक संदर्भों में समझने के लिए हमारी नई शिक्षा नीति का निर्धारण किया गया है। ये बातें बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहीं। वह रविवार को बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में आयोजित संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। 'भारतीय ज्ञान परंपरा और नई शिक्षा नीति' विषयक संगोष्ठी में शिक्षा मंत्री ने कहा, मैं पूरी शिद्दत से यह प्रयास करूंगा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की एक शाखा बिहार में भी स्थापित हो। यह भी पढ़ें- इंटर्नशिप छात्रों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम : डॉ. आरती जिस प्रकार मां गंगा की अविरल धारा वाराणसी से होकर बिहार की ओर ज...