वाराणसी, अगस्त 2 -- वाराणसी। पंचगंगा घाट पर तैलंग स्वामी मठ के ठीक बगल में गली से दस फीट नीचे पंचगंगेश्वर महादेव का मंदिर है। काशी खंड में इस मंदिर का उल्लेख पंचनदेश्वर नाम से भी मिलता है। गंगा, यमुना, सरस्वती, तिरमा और धूतपापा नदियों का संगम होने के कारण घाट को पंचगंगा कहा जाता है। इसी से शिवलिंग नामकरण पंचगंगेश्वर हुआ है। पंचगंगा घाट पर स्थित बिंदुमाधव मंदिर में भी एक पंचगंगेश्वर महादेव हैं। इसकी स्थापना अग्निबिंदु ऋषि ने किया था। यहां विशाल नंदी है जो शिवलिंग के सामने नहीं, बगल में स्थापित हैं। शिवलिंग के सामने पंचगंगा माता की भी प्रतिमा है। मां गौरा की प्रतिमा भी स्थापित है। यह भी पढ़ें- Banka News: मंदार स्थित भगवान काशी विश्वनाथ पर सावन में आराधना से मिलता है भक्तों को फल विश्वेश्वर खंड में स्थापित दोनों शिवलिंगों की विशेष मान्यता ह...