रांची, नवम्बर 27 -- रांची, प्रमुख संवाददाता। साध्वी दीपिका समिया श्रीजी महाराज ने कहा कि मानव को अपनी आत्मा को मैली होने से बचाने के लिए भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच समय निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांच इंद्रियों वाली मनुष्य काया हमें बहुत ही पुण्य कर्म करके मिली है। उन्होंने अहिंसा को सर्वोच्च धर्म बताते हुए जीवों की हिंसा से बचने पर जोर दिया। साध्वी जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि अपने दैनिक जीवन में पानी का दुरुपयोग रोककर भी हम सूक्ष्म जीवों की हिंसा से बच सकते हैं। साध्वी दीपिका गुरुवार को राजधानी में एक श्रावक के आवास पर प्रवचन कर रहीं थीं। उन्होंने अहंकार की भावना पर प्रहार करते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि भगवान से बड़ा कोई नहीं है, फिर भी जीवन में हम अपने आप से बड़ा किसी को नहीं मानते। हम ही सबसे समझदार हैं, हमारी ही बात सही है, ऐस...
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