शैलेंद्र सेमवाल, जून 19 -- Ganga Water is Warming: गंगा में बढ़ती गर्मी व घटती ऑक्सीजन चिंता का विषय बन गई है। इससे गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र, जलीय जीवन और इस पर निर्भर करोड़ों लोगों की आजीविका पर खतरा बढ़ रहा है। जलवायु परिवर्तन, कम बारिश, घटता जल प्रवाह, नदी किनारे हरियाली की कमी, ग्लेशियरों में सिकुड़न इसके प्रमुख कारण हैं। आईआईआईटी हैदराबाद के हाइड्रोक्लाइमेटिक रिसर्च ग्रुप और कुछ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के शोध के अनुसार, गंगा के मध्य प्रवाह क्षेत्र में 2009 से 2025 के बीच पानी का औसत तापमान करीब 1.88 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। इससे पहले इस क्षेत्र में पारा बढ़ने की वार्षिक औसत दर 0.9 डिग्री सेल्सियस थी। आईआईआईटी हैदराबाद की वैज्ञानिक डॉ. रेहाना शैक ने जानकारी देते हुए बताया कि तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने पर पानी में ऑक...