बागपत, मई 26 -- बागपत। मई के महीने में नौतपा शुरु होने के साथ ही पारा 44 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है। प्रचंड गर्मी न सिर्फ शरीर पर प्रभाव डाल रही है, बल्कि मस्तिष्क की कार्यक्षमता को भी प्रभावित कर रही है। इससे इंसानों के साथ पशुओं के न्यूरोट्रांसमीटर भी खराब हो रहे हैं। जिसके चलते इंसानों में बायपोलर डिसअर्डर, मेनिया जैसे मामले बढ़े हैं, तो पशु भी आक्रामक होकर हमलावर हो रहे हैं। भीषण गर्मी में पक्षियों की सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड रहा है। गर्मियों के नौ दिन जब सूर्य की किरणें सीधी धरती पर पड़ती हैं, उन्हें नौतपा की संज्ञा दी जाती है। ये दिन साल के सबसे गर्म दिन माने जाते हैं। नौतपा शुरु होते ही तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है। यह प्रचंड गर्मी लोगों के साथ अब पशुओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। सीवीओ डा. अरविंद त्रिपाठी के अनुसार गर्म...