लखीसराय, मार्च 22 -- चानन, निज संवाददाता। मौसम की बेरूखी से किऊल नदी सहित अन्य जलस्रोत्र गर्मी के शुरूआती दौर यानी चैत माह में ही बेहाल होने लगा है। पिछले साल भी किऊल नदी में पानी की किल्लत हुई थी। हालत यह है कि जिस नदी में मई-जून में पानी रहता था, आज पानी के लिए तरस रहा है। जलवायु परिवर्तण की वजह से मार्च में ही पानी की किल्लत शुरू हो गया है। गर्मी की वजह से कुंदर बाराज में भी पानी स्टॉक नहीं हो सका है, जिस वजह से दोनों साइट निकलने वाली नहर में भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहे है। आहर, तालाब में भी इस बार मन माफिक पानी जमा नहीं रहने से किसान को परेशानी हो रही है। मलिया, नगरदार, गोपलपुर, रेउटा, गोहरी, घोशीकुंडी गांव के निकट किऊल नदी में तो पानी ज्यादा कहीं नहीं है। घुटने भर पानी नदी के अंतिम छोर में दिखता है। कुंदर बराज के निकट कुछ पानी ज...
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