गढ़वा, मार्च 17 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। शहर और आसपास के क्षेत्रों में मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही जल संकट के संकेत मिलने लगे हैं। शहर के दोनों तरफ बहने वाली दानरो और सरस्वती नदी धीरे -धीरे सूखने के कगार पर है। नतीजतन जलस्तर भी नीचे जाने लगा है। वृष्टिछाया वाला इलाका होने के कारण पानी संकट की स्थिति हर साल होती है। आलम यह होता है कि शहरी क्षेत्र के कई इलाकों में लोग पीने के पानी के तौर पर जार में बिकने वाला आरओ का पानी उपयोग में लाते हैं। मई-जून महीने तक स्थिति ऐसी होती है कि लोगों को पीने के लिए आरओ का पानी तो मिल जाता है लेकिन दिनचर्या का काम निपटाने लिए पानी की किल्लत हो जाता है। नतीजतन कई मोहल्ले के लोग परिवार के साथ अपने पैतृक चले जाते हैं। शहरी क्षेत्र की आबादी करीब 80 हजार है। लोगों को हर दिन 44 लाख लीटर पानी की जरूरत होती है। उसमें ...