पाकुड़, मार्च 10 -- प्रखंड क्षेत्र में बड़ी कोल माइंस संचालित होने के बावजूद स्थानीय लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई 'अमड़ापाड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना' आज प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ चुकी है। करीब 4.63 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह योजना वर्षों से ठप पड़ी है, जिसके कारण बाजार क्षेत्र और आसपास के गांवों के लोगों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार अमड़ापाड़ा बाजार सहित बासमती गांव के करीब 1500 परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस योजना का निर्माण कराया गया था। इसके तहत पानी टंकी, मोटर, पाइपलाइन और अन्य संरचनाएं भी बनाई गईं, लेकिन योजना शुरू ही नहीं हो सकी। आज स्थिति यह है कि करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकियां और बिछाई गई पाइपलाइनें महज शोपीस बनकर रह ग...