रांची, मार्च 12 -- बुढ़मू,प्रतिनिधि। गर्मी ने ठीक से दस्तक भी नहीं दी है लेकिन क्षेत्र में पाताल तक पहुंचता भूगर्भ जलस्तर, सूखते कुएं, तालाब, सैकड़ों वर्ष पुराने सूखते पेड़ गंभीर जलसंकट की ओर इशारा कर रहे हैं। इसके बावजूद हम लापरवाही से इसका दोहन कर रहे हैं। बुढ़मू प्रखंड जहां खेतों में गर्मियों में जलका (एक तरह का पानी का श्रोत) फूट जाता था, सालों भर नदियों में बालू के नीचे पीने लायक पानी का स्टॉक रहता था वहां आज पेयजल की समस्या गंभीर होती दिख रही है। फेल है 27 करोड़ की घर घर नल जल योजना: प्रखंड में हजारों सिंचाई कूप, सैकड़ों डीप बोरिंग, सौ से अधिक तालाब,1650 के आसपास सरकारी चापाकल और सैकड़ों सोलर जलमीनार लगाये गये हैं परंतु अधिकांश सरकारी चापानल सूख रहे हैं। सोलर जलमीनार आधे से अधिक खराब पड़े हैं या फिर कहा जाये तो इनका निर्माण सिर्फ ठेकेदारी औ...
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