औरंगाबाद, मार्च 16 -- गर्मी की दस्तक के साथ ही जिले की नदियां सूखने लगी हैं। जिले से होकर गुजरने वाली पुनपुन, बटाने, अदरी, केशहर, मदार सहित अन्य नदियों की धाराएं थम गई हैं और कई स्थानों पर पानी की जगह अब केवल रेत नजर आने लगी है। इससे नदी के पानी पर आश्रित जीव-जंतुओं को गर्मी के दिनों में पानी के लिए भटकना पड़ सकता है। नदी किनारे रहने वाले पशु-पक्षियों के साथ-साथ पालतू पशुओं के लिए भी जल संकट गहराने की आशंका है। वहीं नदी के किनारे बसे गांव, जहां मुख्य जल स्रोत नदी ही है, वहां के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नदियों के सूखने का असर भूजल स्तर पर भी पड़ने की संभावना है। इससे गरमा फसलों की सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। नदी सूखने से पशुपालकों की चिंता भी बढ़ गई है। गर्मी शुरू होने से पहले ही नदियों का सूखना स...