औरंगाबाद, मार्च 17 -- गर्मी की शुरुआत के साथ ही जिले की नदियों में पानी का स्तर तेजी से घटने लगा है और कई स्थानों पर नदियां सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे आने वाले दिनों में जल संकट की आशंका गहरा गई है। जिले से होकर गुजरने वाली पुनपुन, बटाने, अदरी, केसहर, मदार सहित अन्य नदियों की धाराएं कमजोर पड़ गई हैं और कई जगहों पर पानी की जगह केवल रेत नजर आ रही है। इसका सीधा असर नदी पर निर्भर जीव-जंतुओं और पशु-पक्षियों पर पड़ने लगा है, जिन्हें पानी के लिए भटकना पड़ सकता है। नदी किनारे बसे गांवों में भी चिंता बढ़ गई है, जहां आज भी बड़ी संख्या में लोग पेयजल और दैनिक उपयोग के लिए नदी पर निर्भर हैं। नदियों के सूखने से भूजल स्तर में गिरावट की आशंका भी बढ़ गई है, जिसका असर गरमा फसलों की सिंचाई पर पड़ेगा और किसानों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ सकती है...