बिहारशरीफ, अप्रैल 26 -- खतरे की घंटी: गर्मी का सितम : एक माह में 5 ईंच नीचे खिसका भू-जलस्तर, गहराने का लगा जलसंकट मई-जून की तपिश आनी बाकी, तेजी से पाताल की ओर खिसक रहा पानी अगर अभी से नहीं सहेजा गया पानी, तो भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरसेंगे लोग फोटो : जलमीनार : बिहारशरीफ में स्थापित जलमीनार। बिहारशरीफ, हिन्दुस्तान संवाददाता। सूर्य की किरणें अभी पूरी तरह आग उगलनी शुरू भी नहीं की हैं और नालंदा जिले का भू-जलस्तर तेजी से पाताल की ओर खिसकने लगा है। चिंता की बात यह है कि जब अप्रैल में ही चापाकल और नल-जल की बोरिंग फेल होने लगी हैं तो मई और जून की झुलसाने वाली गर्मी में क्या हालात होंगे। यह भी पढ़ें- मलिन बस्तियों और टोलो में भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या पीएचईडी के आंकड़े ने खतरे की घंटी बजा दी है। जिले के चार प्रखंडों (परवलपुर, बेन, इस्लामपु...