भदोही, मई 28 -- भदोही, संवाददाता। कालीन नगरी में बुधवार को भीम एकादशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। अल सुबह स्नान-ध्यान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर मत्था टेका और भगवान विष्णु की आराधना की। 24 घंटे तक रखे गए निर्जला व्रत का पारण गुरुवार सुबह किया जाएगा। पर्व को लेकर महिलाओं और श्रद्धालुओं में खास उत्साह नजर आया। गंगा दशहरा के दिन मंगलवार से ही इसकी तैयारियां शुरू हो गई थीं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी के रूप में मनाया जाता है। इस व्रत में पानी पीना भी वर्जित होता है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है。 यह भी पढ़ें- Padmimi Ekadashi 2026: पद्मिमी एकादशी की शाम कर लें ये 3 काम, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धिश्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना बुधवार को श्रद्धालुओं ने पूर...