सोनभद्र, मार्च 14 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आशंका जतायी है कि गमिर्यो में बिजली व्यवस्था लड़खड़ा सकती है। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा निजीकरण के उद्देश्य से लागू की विद्युत वितरण की वर्टिकल व्यवस्था को इसकी वजह बताया है। प्रबंधन से मांग की है कि असफलता स्वीकार करे और इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त करे। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि विद्युत वितरण व्यवस्था को निजीकरण की दिशा में बदलने के लिए वर्टिकल व्यवस्था लागू की गई। बड़े पैमाने पर नियमित पद समाप्त किए गए और बड़ी संख्या में संविदा कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया । नई व्यवस्था के तहत 11 केवी और 33 केवी लाइनों तथा सबस्टेशनों के मेंटेनेंस का कार्य अलग कर दिया गया, जबकि राजस्व वसूली, कमर्शियल कार्य तथा मीटरिंग का कार्य अलग कर दिया गया...