गोरखपुर, फरवरी 15 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता फाइब्रॉयड बीमारी महिलाओं के गर्भाशय के आकार में बदलाव का बड़ा कारण बन रही है। गर्भाशय में बिना कैंसर वाली छोटी-छोटी गांठों के रूप में सामने आने वाली इस बीमारी की वजह से गर्भ धारण में दिक्कत आ रही है। अगर गर्भ ठहर भी जा रहा है, तो समय से पहले ही प्रसव (प्री-मैच्योर डिलीवरी) हो जा रहा है। एम्स में प्रसव संबंधी इलाज के लिए पहुंचने वालों में 15 से 20 फीसदी मरीज फाइब्रॉयड से पीड़ित मिल रहे है। एम्स की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी के अध्ययन में इसका खुलासा हुआ है। अध्ययन में जानकारी मिली है कि फाइब्रॉयड बीमारी सिजेरियन प्रसव का सबसे बड़ा कारण बन रही है। एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि अगर सही समय पर इन गांठों की जांच नहीं की ग...