लखनऊ, जुलाई 30 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए, कहा है कि गर्भावस्था सरकारी नौकरी पाने में बाधा नहीं मानी जा सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि किसी महिला को सरकारी नौकरी पाने के अधिकार से वंचित करने का आधार उसकी गर्भावस्था नहीं हो सकता। किसी महिला को मातृत्व और रोजगार में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर करना उसके प्रजनन अधिकार और रोजगार के अधिकार, दोनों का उल्लंघन है। इसी के साथ न्यायालय ने वन रक्षक व वन्यजीव रक्षक भर्ती में गर्भावस्था के कारण शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) स्थगित करने का अनुरोध ठुकराने के उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के फैसले को रद्द कर दिया। यह निर्णय मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने अभ्यर्थी कोमल जायसवाल की विशेष अपील स्वीकार करते हुए दिया है। अपीलार्थ...