बरेली, सितम्बर 10 -- गर्भ में शिशु की मृत्यु, मृत शिशु के जन्म के मामलों की निगरानी और रोकथाम को स्वास्थ्य विभाग अब चिकित्सकों की विशेष टीम तैयार करेगा। शासन ने इसके लिए माइक्रोप्लान तैयार किया है। प्रदेश के सभी जिलों से तीन-तीन चिकित्सकों का चयन कर उन्हें मास्टर्स ट्रेनर बनाया जाएगा। आगरा, वाराणसी और लखनऊ में इन चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये मास्टर्स ट्रेनर अपने-अपने जिलों में अन्य चिकित्सकों को प्रशिक्षित करेंगे। स्टिल बर्थ यानी मृत शिशु के जन्म की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय प्रबंधन नहीं मिलने पर प्रसूता के स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा हो सकता है। ऐसे मामलों में मां को होने वाले जोखिम को कम करने और मृत शिशु के जन्म की स्थिति की निगरानी मजबूत करने के लिए शासन ने यह पहल की है। इसके तहत चिकित्सकों को मामलों ...