हल्द्वानी, अप्रैल 15 -- मोहन भट्ट, हल्द्वानी। प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब पूरी तरह 'एक्शन मोड' में आ गया है। घर पर हो रहे प्रसव (होम डिलीवरी) की घटनाओं पर स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे के कड़े रुख के बाद, विभाग ने गर्भवती महिलाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग अनिवार्य कर दी है। 9 अप्रैल को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद इस संबंध में विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। देहरादून मुख्यालय से सीधे गर्भवतियों से संपर्क कर स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक लिए जाने के बाद, कुमाऊं के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। यह भी पढ़ें- घर में अवैध रूप से संचालित नर्सिंग का वीडियो वायरल रेफरल और डिस्चार्ज की होगी सख्त समीक्षासरकारी अस्पतालों में आने वाली किसी भ...