गोंडा, मार्च 20 -- गोण्डा, संवाददाता। मेडिकल कालेज में प्रसूताओं का इलाज सिर्फ ओपीडी तक ही सीमित है। गर्भावस्था के दौरान उनका इलाज किया जाता है लेकिन प्रसव का समय आते ही उन्हें जिला महिला अस्पताल व अन्य प्राइवेट अस्पतालों की राह दिखा दी जाती है। अस्पताल में प्रसव व सीजर जल्द शुरू होने का दावा तो कई बार किया गया लेकिन उस पर अमल नहीं हो पाया है। कोविड अस्पताल के भूतल पर प्रसूताओं व बच्चों के इलाज की योजना बनी लेकिन धरातल पर अभी तक उतर नहीं सकी है, जिससे महिलाओं को मेडिकल कॉलेज में समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध बाबू ईश्वर शरण अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी चलाई जाती है। एक नहीं बल्कि कई महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। ओपीडी में बैठकर महिला डाक्टर महिला मरीजों का इलाज भी करतीं हैं। यह बात दीगर है ...