नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- पितृ पक्ष में पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान और दान करने की भी परंपरा है। श्राद्ध कर्म में गाय, कुत्ते और कौए के साथ चींटियों के लिए भी अन्न निकाला जाता है। यही वजह है कि पितृ पक्ष में कई लोग चींटियों को आटा या दाना खिलाते हैं। इसके पीछे गरुड़ पुराण से जुड़ी एक खास धार्मिक मान्यता बताई गई है।चींटियों को आटा खिलाने की क्या वजह है? गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद जीवात्मा को उसके कर्मों के आधार पर अलग-अलग योनियां प्राप्त होती हैं। धार्मिक मान्यता है कि अगर कोई पूर्वज अपने कर्मों के कारण कीट-पतंग या किसी सूक्ष्म योनि में भटक रहा हो, तो पितृ पक्ष में चींटियों को दिया गया अन्न उसे प्राप्त होता है। इससे उस आत्मा को तृप्ति मिलने की बात कही गई...