गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए छोड़ दी नौकरी, आज उनके कई छात्र नाम कर रहे रोशन
नई दिल्ली, मई 24 -- हैदराबाद के मियापुर इलाके में हर शाम एक अनोखा नजारा देखने को मिलता है। बच्चों का एक समूह ओवरहेड वॉटर टैंक को कन्वर्ट करके बनाए गए क्लासरूम में इकट्ठा होता है। यह क्लासरूम सामान्य स्कूलों जैसा नहीं है, बल्कि गरीब परिवारों खासकर वॉचमैन, घरेलू नौकरानियों और दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों के लिए उम्मीद की किरण है। इस पहल के पीछे पी. श्रीनिवास हैं जिन्होंने अपनी अच्छी कॉर्पोरेट जॉब छोड़ दी और बच्चों को पढ़ाने में जुट गए। यह भी पढ़ें- NEET में फेल हुई. हिम्मत नहीं हारी, भारत की बेटी ने US में रच दी सफलता की कहानी श्रीनिवास के आज कई छात्र इंजीनियर और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल बन चुके हैं, जो देश भर में अच्छी सैलरी कमा रहे हैं। श्रीनिवास पहले एक जर्मन कंपनी में काम करते थे। ऑफिस के बाद वे सरकारी स्कूल में वॉलंटियरिंग करते थे। वहां उन्हों...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.