इटावा औरैया, मई 3 -- चकरनगर। बंसरी में आयोजित चंबल फाउंडेशन के चंबल मिशन अभियान के अंतर्गत स्वतंत्रता संग्राम के उपेक्षित नायकों के इतिहास को सामने लाने की मांग उठाई। इस दौरान विशेष रूप से मल्लाह समाज के ऐतिहासिक योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया और कहा गया कि इनके बलिदान को अब तक इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला है। यह भी पढ़ें- युद्ध स्मारक पर अधूरे कार्य को पूरा करने की मांगइतिहास के महत्वपूर्ण पल इतिहासकार देवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि चंबल और कुवारी नदियों के दोआब में स्थित बंसरी गांव कभी क्रांतिकारियों की राजधानी हुआ करता था। यह क्षेत्र परिहार ठाकुरों की बसावट के कारण परिहारा क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता रहा है। 1857 की क्रांति के दौरान बंसरी गांव ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका निभाई। यह गांव भरेह रियासत ...