बरेली, जून 19 -- नौहों की मातमी धुन के साथ दूसरे मोहर्रम में शहीदाने कर्बला हजरत इमाम हुसैन की याद में गुरुवार को जरी का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मोहर्रम की दो तारीख को इमाम हुसैन के अपने 72 साथियों के साथ कर्बला पहुंचने की याद दिलाता है। जरी के जुलूस में मजलिसे गम है शाहे हुदा की, आज दूसरी है माहे अजा की, धुन बजी तो अजादारों की आंखों में आंसू आ गए। अपने रिवायती अंदाज में बड़ी शान-ओ-शौकत से शाही जरी का जुलूस निकला। आगे-आगे नकारों पर मातमी धुनें फिजा में गुनगुनाती रही थी तो पीछे अजादारों ने अमन शांति का संदेश देते हुए नौहाख्वानी अपनी कदीमी रास्तों से चलते रहे। यह भी पढ़ें- गमगीन माहौल में निकला जरी का जुलूस,अजादारों ने किया मातम गुरुवार की सुबह से ही इमामबाड़ों में मजलिस का दौर चला। किला सब्जी मंडी स्थित इमामबाड़े से तमाम अंजुमनों की अगु...