संभल, अप्रैल 15 -- जनपद में गन्ना किसानों के लिए इस समय सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि फसल पर अंकुर छेदक और स्टीम बोरर (तना छेदक) कीटों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक इन कीटों की पहली पीढ़ी सक्रिय हो चुकी है, जो गन्ने की बढ़वार को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है। खेतों में जगह-जगह अंकुर छेदक और चोटी भेदने वाले कीट फसल को प्रभावित करते नजर आ रहे हैं। इससे गन्ने की शुरुआती बढ़त रुकने का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति को देखते हुए किसान रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि समय रहते कीटों पर नियंत्रण पाया जा सके। हालांकि, कृषि वैज्ञानिक किसानों को प्राकृतिक और संतुलित उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि केवल रसायनों पर निर्भर रहने के बजाय जैविक तरीकों जैसे ट्राइकोग्रामा कार्ड, फेरोमोन ट्रैप और समय-समय पर खेत की नि...