कुशीनगर, सितम्बर 16 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद गन्ना प्रजनन संस्थान क्षेत्रीय केन्द्र करनाल के पूर्व निदेशक डॉ. एसके पाण्डेय के साथ त्रिवेणी चीनी मिल के यूनिट हेड, केन हेड, डेवलपमेंट हेड एवं सम्बन्धित फील्ड स्टाफ ने दो दिन तक क्षेत्र भ्रमण किया। कई गन्ना प्रजातियों में विभिन्न रोगों का प्रकोप पाया गया। इस दौरान पूर्व निदेशक एवं जीएम ने किसानों से शरदकालीन बुआई के समय रोगरोधी गन्ना प्रजातियों के चयन करने की सलाह दिया।निरीक्षण के दौरान कोशा 8279, कोशा 8272, कोपीके 5191, को 0238 एवं को. 5011 प्रजातियों के गन्ने के खेत में बिल्ट, रूट रॉट, एवं लाल सड़न (रेड रॉट) रोगों का प्रकोप पाया गया। इसके कारण गन्ने के पौधे सूखते हुए पाए गए। को.0238 के खेत में रेड राट रोग का प्रकोप होने के कारण इस प्रजाति का पेड़ी न रखने की सलाह...