शाहजहांपुर, दिसम्बर 9 -- पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सोमवार को बिहार से पहुंचे 40 किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रसार अधिकारी डॉ. संजीव पाठक ने बताया कि सुबह सत्र में किसानों को मृदा परीक्षण प्रयोगशाला ले जाकर मृदा नमूना एकत्र करने की वैज्ञानिक विधि समझाई गई। डॉ. जीएन गुप्ता ने बताया कि सही विधि से लिया गया नमूना ही सटीक परीक्षण और फसल पोषण प्रबंधन का आधार बनता है। इसके बाद प्रतिभागियों को टीशू कल्चर प्रयोगशाला का भ्रमण कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि टीशू कल्चर तकनीक से उच्च उत्पादन वाली गन्ना किस्मों का सफल संवर्धन संभव है। किसानों ने प्रयोगशाला में चल रही प्रक्रिया को नजदीक से देखा और विशेषज्ञों से कई प्रश्न पूछे। अगले सत्र में वर्मी कम्पोस्ट पर विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने जैविक उर...
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