लखीमपुरखीरी, मई 6 -- जिला कृषि रक्षा अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे गन्ना फसल की लगातार निगरानी करते रहें। मौसम में उतार चढ़ाव के बीच कीट लगने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून तक गन्ना फसल के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है, जब अंकुर भेदक, जड़ भेधक व छोटी भेदक जैसे कीट लग सकते हैं। गन्ना की फसल साल भर तक रहती है इसलिए कीटों को पनपने का मौका मिल जाता है और यह कीट फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि प्रभावित पौधों को जड़ सहित उखाड़कर नष्ट कर दें जिससे अन्य पौध में संक्रमण न फैले, नियमित निगरानी के साथ ही खरपतवार न पनपने दें। यह भी पढ़ें- गन्ने की फसल पर चूसक कीटों का खतरा, अलर्ट जारी प्रकाश ट्रैप व फेरोमोन ट्रैप का उपयोग कर कीटों की निगरानी व नियंत्रण करें। इसके अलावा जैविक नियंत्रण के...