लातेहार, अप्रैल 30 -- महुआडांड़ प्रतिनिधि। प्रखंड के गनसा -सिदरा गांव के बीच बना पुल अब विकास नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही की मिसाल बन चुका है। पिछले 10 वर्षों से यह पुल जर्जर और टूटा हुआ पड़ा है। हालात इतने खतरनाक हैं कि ग्रामीण रोज अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि खुली उपेक्षा और गैर-जिम्मेदारी है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले जनप्रतिनिधि अब पूरी तरह नदारद हैं। न कोई निरीक्षण, न कोई योजना,सिर्फ आश्वासन और जमीनी स्तर पर शून्य काम। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हैं, जिनकी खेती नदी के दोनों किनारों पर फैली है। पुल नहीं होने के कारण उन्हें लंबा और खतरनाक रास्ता तय करना पड़ता है। बरसात के समय नदी उफान पर रहती है। जिससे यह सफर और भी जानलेवा बन जाता है। कई बार हादसे ...