कानपुर, जुलाई 14 -- कानपुर। गति, कौशल और रणनीति के सही सामंजस्य से छात्र अपने जीवन को महत्वपूर्ण बना सकते हैं। यह बात स्वामी प्रबुद्धानंद ने कही। कहा, जीवन का महत्व तीन एस पर निर्भर है। वहीं, कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने वेदांत के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया और कहा कि सभी विभागों के विद्यार्थियों के लिए वेदांत की कक्षाएं होनी चाहिए। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के सीनेट हाल में गीता शोधपीठ, दीनदयाल शोध केंद्र, स्कूल ऑफ लैंग्वेजेस, स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज की ओर से स्वामी प्रबुद्धानंद का विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसका विषय आधुनिक युग में युवा शक्ति-सफलता एवं प्रसन्नता का मार्ग रहा। स्वामी प्रबुद्धानंद ने कहा कि गति के संबंध में बताया कि जीवन में गति की आवश्यकता है अर्थात आशीर्वाद की पूंजी वह सफलता व प्रसन्नता प्रा...