जमशेदपुर, जनवरी 28 -- गणतंत्र दिवस पर हावड़ा से चीता मुखी नाम से इंजन दौड़ने लगा। भारत में चीतों की वापसी और संरक्षण के उद्देश्य से रेलवे ने यह अनोखी पहल की है। 20वीं शताब्दी के मध्य तक विलुप्त हो चुकी चीता प्रजाति के संरक्षण का संदेश देने के लिए इंजन का नामकरण किया गया है। चीता मुखी नामक यह इलेक्ट्रिक इंजन शांतिनिकेतन एक्सप्रेस का संचालन करेगा। इंजन का डिजाइन ट्रेन ट्रैकर्स टीम ने तैयार किया है, जबकि परियोजना के क्रियान्वयन में ट्रेन ट्रैकर्स टीम के शुभोजित साहा और रेल प्रेमी सोमांको तिरु का अहम योगदान रहा। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2022 में मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से आठ चीतों को छोड़कर की थी। इन्हीं में से ज्वाला (मूल नाम सियाया) ने शावकों को जन्म दिया, जिनमें मुख...