साहिबगंज, मार्च 1 -- गणगौर पूजन में होलिका दहन की राख का होता है खासा महत्व मिथिलेश सिंह: साहिबगंज। मारवाड़ी समाज की महिलाओं में इन दिनों गणगौर पूजन की धूम मची है। गणगौर का शुभारंभ होली के दिन से होता है। दरअसल, सुहागनों की ओर से पति की दीर्घायु को लेकर होली के बाद गणगौर पूजन करती हैं। गणगौर विवाहिता के अलावा कुंवारी कन्याएं भी करती हैं। गणगौर त्योहार विवाहिताओं के लिए खासा महत्व रखता है क्योंकि इस पूज के दौरान वे अपने सुहाग के स्वस्थ जीवन व स्वस्थ वैवाहिक संबंधों के लिए भगवान शिव व माता गौरा यानि पार्वती की पूजा करती हैं। यह विशेष रूप से मारवाड़ी समाज में काफी हर्षोल्लास से मनाया जाता है। मारवाड़ी समाज की वैसी नवविवाहिता जिनकी शादी के बाद पहली होली होती है वह गणतौर जरुर करती है। गणगौर मुख्य रूप से दो शब्द गण और गौर से बना है। इसमें गण का अर...