जमुई, मार्च 21 -- झाझा,निज संवाददाता गौर ए गणगौर माता खोल किवाड़ी, बाहर ऊबी थारी पूजन हाली.....। गणगौर के आते ही मारवाड़ी समाज के घरों में गणगौर के गीत गुंजने लगते हैं। यह अनूठा व रंगारंग पर्व चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है इसलिए इसे गणगौर तीज भी कहते है। बीते सालों की भांति इस साल भी गणगौर महोत्सव का आयोजन स्थानीय श्रीश्याम मंदिर के प्रांगण में होगा। आज शनिवार को होने वाले गणगौर महोत्सव को ले तैयारियां पूरी कर चुकी बताई जाती है। बता दें कि राजस्थान के लोकपर्वों में गणगौर पर्व का काफी खास महत्व है और इसकी महिमा भी निराली है। राजस्थान में तो जयपुर समेत कई शहरों में ऊंट, हाथी, घोड़ों तथा गणगौर की रंगारंग झांकी के साथ विशाल शोभायात्राएं निकलती हैं। और उक्त झांकी का आनंद लेने को स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी तादाद में विदेशी सैलानियों का हुज...
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