मुरादाबाद, जून 17 -- मुरादाबाद। अपने गढ़ में ही सपा आपस की सियासत में उलझती जा रही है। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले पार्टी की अंदरूनी कलह कहीं महंगी न पड़ जाए। जो हो रहा है इससे सपा नेता खुद ही विरोधी दलों को बोलने का अवसर दे रहे हैं। जल्द ही इस मामले में बड़े नेताओं ने दखल नहीं दिया तो इसका असर आगे और गहरा हो सकता है। बाद में डैमेज कंट्रोल करना कितना आसान होगा यह कहा नहीं जा सकता है। यह भी पढ़ें- गढ़ में ही गुटबाजी में उलझी सपा, कहीं विरोधी खेल न जाएं दांवगुटबाजी का प्रारंभ बात सिर्फ रविवार को ताजपुर में हुए सपा के पीडीए सम्मेलन की नहीं है। आपस में गुटबाजी का बीजारोपण विगत लोकसभा चुनाव में तभी हो गया था जब पूर्व सांसद डा. एसटी हसन का टिकट काट कर रुचिवीरा को पार्टी ने यहां से प्रत्याशी बनाया था। रुचिवीरा सांसद चुन ली गईं उसके बाद स्थिति साम...