चंदौली, फरवरी 24 -- नियामताबाद,हिन्दुस्तान संवाद। पीडीडीयू नगर-चकिया मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर गड़ई नदी के अस्तित्व पर संकट गहराने का आरोप लगाते हुए पूर्व सांसद रामकिशुन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर गड़ई नदी को पाटकर उसका स्वरूप समाप्त किया जा रहा है, जबकि यह नदी पूरे क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी है। बाढ़ के समय यही नदी आसपास के गांवों के जलभराव की निकासी का प्रमुख माध्यम बनती है, जिससे किसानों की फसल सुरक्षित रहती है। बताया कि गड़ई नदी में पानी की निकासी पचोखर, पिड़खीर, उसरौडी, बौरी ताल, सिरसी और राजा बाहा सहित कई स्थानों से होती है। कहा वर्ष 2004-05 में लगभग 29 करोड़ रुपये की लागत से नदी की खुदाई कराई गई थी। जिससे इसका प्रवाह सुचारु रूप से चल था, लेकिन उसके बाद से नदी की नियमित सफाई और खुदाई नहीं कराई गई...