नई दिल्ली, मई 20 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। चुनावी समीकरण बदल रहे हैं। क्षेत्रीय दलों के दबदबे वाले राज्यों में कांग्रेस को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इन पार्टियों पर निर्भर रहना पड़ता था, पर अब तस्वीर अलग है। क्षेत्रीय दलों को भाजपा को चुनाव में शिकस्त देकर सत्ता की दहलीज तक पहुंचना है, तो इसमें कांग्रेस की भूमिका पहले के मुकाबले बढ़ी है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जहां केरल में अपनी सरकार बनाने में सफल रही, वहीं पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी उसकी भूमिका अहम रही है। कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने और भाजपा विरोधी वोट में बंटवारे की वजह से तृणमूल कांग्रेस को करीब दो दर्जन सीट का नुकसान उठाना पड़ा है。

तमिलनाडु में कांग्रेस की भूमिका तमिलनाडु में डीएमके कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में नहीं उतरती, तो उ...