लखनऊ, मार्च 1 -- फोटो लखनऊ, कार्यालय संवाददाता जन संस्कृति मंच (जसम) की ओर से डॉ डी एम मिश्र के नये गजल संग्रह सच कहना यूं अंगारों पर चलना होता है का विमोचन रविवार को किया गया। यूपी प्रेस क्लब में पुस्तक का विमोचन डा जीवन सिंह, डॉ गोपाल गोयल, कौशल किशोर, शिवमूर्ति, सुमन गुप्ता, सुभाष राय तथा फरजाना महदी ने किया। आलोचक डॉ जीवन सिंह ने कहा कि डी एम मिश्र ने गजल रचना में अपनी एक ऐसी जमीन तैयार की है जो आज के अन्य गजलकारों से बहुत अलग है। वे उन गजलकारों में हैं जिनकी आवाजाही मध्यवर्ग से आगे किसान -श्रमिक वर्ग तक है। डॉ सिंह ने मिश्र जी की गजलों को उद्धृत करते हुए कहा कि आज जब सच कहना असंभव सा हो गया है तब मिश्र जी छिपे हुए सच को खोजकर लाते हैं और उसे कहने का साहस भी दिखलाते हैं। वे अवध इलाके से हैं इसलिए उसकी सूफियाना प्रेम की संस्कृति को खुल...
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