देवघर, अगस्त 2 -- देवीपुर, प्रतिनिधि। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर ने उन्नत हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. नितिन गंगने के नेतृत्व में संस्थान में पहली बार गंभीर कोरोनरी धमनी रोग तथा हृदय की पंपिंग क्षमता मात्र 25-30 प्रतिशत होने वाले मरीज की सफल ऑफ-पंप कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्ट सर्जरी की गई। यह जटिल ऑपरेशन एम्स देवघर के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से सफलतापूर्वक किया।

सर्जरी की विशेषताएँ डॉक्टरों के अनुसार इतनी कम हृदय क्षमता वाले मरीजों में ऑफ-पंप बाईपास सर्जरी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस स्थिति में ऑपरेशन के दौरान मरीज की जान का जोखिम अधिक रहता है। सर्जरी की सबसे बड़ी...